चंपावत के देवीधुरा वन क्षेत्र में मादा गुलदार के शावक का सुरक्षित रेस्क्यू, वन विभाग ने दिखाई मुस्तैदी
चंपावत। जिले के देवीधुरा वन क्षेत्र के अंतर्गत कनबाड़ गांव में खेतों के बीच एक कम उम्र की मादा गुलदार (शावक) मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। खेतों से गुलदार की दहाड़ सुनकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर इलाके का निरीक्षण किया।
मौके पर पहुंची टीम को एक साल से भी कम उम्र की मादा गुलदार मिली, जो काफी थकी हुई अवस्था में थी। उसकी नाजुक स्थिति और कम उम्र को देखते हुए वन विभाग ने रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरतने का फैसला किया।
पिंजरे के बजाय जाल से किया रेस्क्यू
गुलदार की अत्यधिक थकान को देखते हुए टीम ने उसे पिंजरे में फंसाने के बजाय जाल की मदद से रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। वन कर्मियों ने अत्यंत साहस और सतर्कता का परिचय देते हुए मादा गुलदार को सुरक्षित पकड़ लिया।
स्वास्थ्य परीक्षण में मिली स्वस्थ
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सा/स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मादा गुलदार का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। फिलहाल उसे वन विभाग के पिंजरे में सुरक्षित रखा गया है, और विभाग द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रेस्क्यू टीम में शामिल रहे ये कर्मचारी
इस सफल और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान में वन विभाग के निम्नलिखित कर्मचारियों ने मुख्य भूमिका निभाई:
* लक्ष्मण सिंह नयाल (वन दरोगा)
* बद्री दत्त जोशी (वन दरोगा)
* हर्षवर्धन गड़िया (वन बीट अधिकारी)
* गोविंद सिंह साहू (वन बीट अधिकारी)
* प्रेम सिंह बिष्ट (श्रमिक)
* तारा सिंह नौलिया (श्रमिक)

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