October 28, 2026

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प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

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प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

पाटी के करौली गांव की घटना, घर पर हुआ प्रसव; अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह

पाटी। चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक के करौली गांव में प्रसव के कुछ घंटे बाद 24 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मंगलवार देर रात महिला ने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया था। बुधवार सुबह परिजन उसे पाटी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

सरकार गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, नियमित जांच और संस्थागत प्रसव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसूताओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाना गंभीर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण के बावजूद महिला का घर पर प्रसव होना और इसके कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो जाना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है।

जानकारी के अनुसार, नीमा देवी (24) पत्नी तिलकराज कुछ समय पहले अपने मायके करौली गांव आई थी। उसका ससुराल मुलाकोट-पटन गांव में बताया जा रहा है। महिला का पंजीकरण ससुराल क्षेत्र के एएनएम सेंटर में किया गया था। विभागीय स्तर पर महिला की प्रसव पूर्व जांच और प्रसव के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे नीमा देवी ने घर पर बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे परिजन उसे पाटी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीण क्षेत्र से अस्पताल तक पहुंचने में लगे समय और प्रसव के बाद उपलब्ध कराई गई प्राथमिक चिकित्सा की स्थिति भी जांच का विषय है।

अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका

एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, महिला की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। प्रथम दृष्टया मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव माना जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। महिला का लोहाघाट में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

प्रसव के कुछ ही घंटे बाद महिला की मौत से परिजन सदमे में हैं। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसूताओं की निगरानी, समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था, आपातकालीन परिवहन और सुरक्षित प्रसव सेवाओं की उपलब्धता की प्रभावी समीक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह भी जरूरी है कि गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के साथ उनकी नियमित निगरानी और प्रसव के समय संस्थागत सुविधा सुनिश्चित की जाए।

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