चंपावत में 55.52 करोड़ से बन रहा साइंस सेंटर, चाय बागान में भी विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएं
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, काम में तेजी लाने के निर्देश
15 से 20 नवंबर तक तैयार होने वाले कार्यों को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आदर्श चंपावत की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिले में विज्ञान शिक्षा और पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति दी जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बुधवार को निर्माणाधीन साइंस सेंटर, उसके समीप विकसित की जा रही साहसिक पर्यटन सुविधाओं और चाय बागान में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा आवश्यक संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए।
लगभग 55.52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा अत्याधुनिक साइंस सेंटर कुमाऊं सहित प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से बच्चों को विज्ञान के विभिन्न विषयों को समझने और प्रयोग आधारित शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। साइंस सेंटर के समीप साहसिक खेल एवं पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चाय बागान में 19 करोड़ से विकसित हो रही सुविधाएं
जिलाधिकारी ने चाय बागान में लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का भी जायजा लिया। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए इको हट्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर और भ्रमण मार्ग सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य चाय बागान की प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को परिचित कराने के साथ ही उनके भ्रमण को सुविधाजनक बनाना है।
संसाधन बढ़ाकर तेजी से पूरा करें निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों और शेष कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अंतिम चरण में पहुंच चुके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और जरूरत के अनुसार श्रमिकों व अन्य संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।
उन्होंने बताया कि कुछ कार्यों में धनराशि आवंटन की आवश्यकता है, जबकि वर्षा के कारण रोड़ी-बजरी सहित निर्माण सामग्री की उपलब्धता में भी दिक्कतें आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों से वार्ता की गई है, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रयास है कि आगामी 15 से 20 नवंबर तक जिन कार्यों को पूरा किया जा सकता है, उन्हें तैयार कर जनता को समर्पित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय से काम करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी शानू प्रकाश, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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