दो वर्षों से अधर में छिनकाछिना-सिमलखेत सड़क का डामरीकरण, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग
पाटी (चम्पावत)। पाटी मुख्यालय को जोड़ने वाली छिनकाछिना-सिमलखेत सड़क पर पिछले दो वर्षों से डामरीकरण नहीं होने से क्षेत्र के ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों और वाहन चालकों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर शीघ्र डामरीकरण कराने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी पाटी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 16 किलोमीटर लंबी यह सड़क क्षेत्र की 15 से 20 ग्राम पंचायतों को पाटी मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। लंबे समय से डामरीकरण नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। खराब सड़क का असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
यह सड़क थुवा मौनी, सुनडूंगरा, गिजू, बसान, बांस-बस्वाड़ी, चौड़ाकोड़, मौनकांडा, डसियाचामी, सिमली, बरानी, जालछिना समेत कई ग्राम पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है।
प्रदर्शन करने वालों में सूरज कुमार, संजय कुमार, अजय कुमार, कैलाश राम, दीपक सिंह, गिरीश सिंह, सौरभ सिंह, धन सिंह, राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार, सुभाष कुमार, निर्मल कुमार, सुभाष चंद्र, उत्तम सिंह, चान सिंह, रवि शंकर, बरम प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, प्रदीप सिंह, हरीश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई बीसी नैनवाल ने बताया कि सड़क के डामरीकरण के लिए 17 करोड़ रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत है। बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग
पाटी (चम्पावत)। पाटी मुख्यालय को जोड़ने वाली छिनकाछिना-सिमलखेत सड़क पर पिछले दो वर्षों से डामरीकरण नहीं होने से क्षेत्र के ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों और वाहन चालकों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर शीघ्र डामरीकरण कराने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी पाटी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 16 किलोमीटर लंबी यह सड़क क्षेत्र की 15 से 20 ग्राम पंचायतों को पाटी मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। लंबे समय से डामरीकरण नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। खराब सड़क का असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
यह सड़क थुवा मौनी, सुनडूंगरा, गिजू, बसान, बांस-बस्वाड़ी, चौड़ाकोड़, मौनकांडा, डसियाचामी, सिमली, बरानी, जालछिना समेत कई ग्राम पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है।
प्रदर्शन करने वालों में सूरज कुमार, संजय कुमार, अजय कुमार, कैलाश राम, दीपक सिंह, गिरीश सिंह, सौरभ सिंह, धन सिंह, राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार, सुभाष कुमार, निर्मल कुमार, सुभाष चंद्र, उत्तम सिंह, चान सिंह, रवि शंकर, बरम प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, प्रदीप सिंह, हरीश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई बीसी नैनवाल ने बताया कि सड़क के डामरीकरण के लिए 17 करोड़ रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत है। बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।





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