लड़ीधूरा महोत्सव का भव्य समापन, जयकारों से गूंजे पहाड़ बाराकोट व काकड़ के देवीरथ पहुंचे मंदिर, हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया
लोहाघाट। विकास खंड बाराकोट के लड़ीधूरा में छह दिनों से चल रहे पारंपरिक महोत्सव का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। समापन के अवसर पर बाराकोट और काकड़ गांव के देवीरथ लड़ीधूरा मंदिर तक पहुंचे और परिक्रमा कर मां भगवती व मां कालिका का आशीर्वाद लिया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े और माता के चरणों में शीश नवाया।
मंगलवार अपराह्न करीब 3:20 बजे ग्राम सभा काकड़ से देवीरथ तीन किलोमीटर के दुर्गम रास्ते और रस्सों के सहारे मंदिर पहुंचे। देवीरथ में मां कालिका के स्वरूप में कल्याण सिंह अधिकारी विराजमान थे। उधर ग्राम पंचायत बाराकोट से करीब 3:35 बजे देवीरथ मंदिर पहुंचे, जिसमें मां भगवती के रूप में गुड्डी फर्त्याल और मां कालिका के रूप में प्रताप सिंह चंवर झुलाकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।
देवीरथों के आगमन पर लड़ीधूरा की पहाड़ियां मां के जयकारों से गूंज उठीं। लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेन्द्र जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में कंट्रोल रूम और पेयजल की व्यवस्था की गई थी।समारोह के सफल आयोजन में जिला पंचायत सदस्य फरतोला योगेश चन्द्र जोशी, जगदीश सिंह अधिकारी, दुर्गेश जोशी, नवीन जोशी, रमेश जोशी, महेंद्र अधिकारी, विनोद जोशी, विनोद अधिकारी, किशोर जोशी, रजत वर्मा, ऋतेश कुमार वर्मा, प्रदीप ढेक, सुनील वर्मा, लोकमान सिंह अधिकारी, राजू अधिकारी, दीनू अधिकारी, राजेन्द्र अधिकारी, नमन जोशी, रजनीश जोशी, राहुल जोशी, ललित मोहन जोशी, निहारिका फर्त्याल, कुमकुम अधिकारी सहित अनेक ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।

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