मां भगवती के वायुरथ ने की सुुंई-बिशंग के 25 गांवों की परिक्रमा
बिना रस्सों के सहारे वायु वेग से ले जाया गया देवी रथ, भक्तिमय हुआ माहौल
लोहाघाट : सुंईं-विशुंग के प्रसिद्ध वायुरथ महोत्सव के दौरान रक्षाबंधन के दिन बिना रस्सों के सहारे उठे मां भगवती के वायु रथ ने पांच गांव सुईं व 20 गांव विशुंग की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने देवी रथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इससे पूर्व विधि विधान से सुईं के शिव मंदिर प्रांगण में चार द्योली के आयुधों को पवित्र जल व दूध से स्नान कराया गया। रथ के साथ चल रहे देव डांगरों व देवी के गणों ने आधा दर्जन से अधिक स्थानों में दूध तथा अक्षत की गाल खाई। रथ यात्रा चौबे गांव से शुरू हुई जो पऊ, चनकांडे, डुंगरी होते हुए विशुंग को निकली। पऊ के मस्टा प्रांगण एवं चनकांडे में प्राचीन चौपाड़ी में रथ ने कुछ देर के लिए विश्राम कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। रथ के आगे भगवती के बेताल तथा पीछे हजारों की संख्या में जयकारा लगाते हुए हर आयु वर्ग के लोग चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। कोटाल गढ़, द्योला गढ़, विशुंग के टाक आदि स्थानों में भी परंपरानुसार कुछ देर के लिए रथ को विश्राम दिया गया। टाक में पवित्र जल व दूध से स्नान करने के बाद भगवती के अवतार व अन्य देव डांगर चाकबुड़ी पहुंचे तथा न्याय गद्दी लगाकर वायु रोग से पीडि़त लोगों के दुख दर्द को ठीक कर रथ को मां कड़ाई देवी मंदिर ले जाया गया। इससे पूर्व जैसे ही रथ सुईं के कोटाल गढ़ पहुंचा यहां के भगवती मंदिर से गुप्त प्योली को विशुंग के मां कड़ाई देवी मंदिर ले जाया गयाए जहां मां भगवती व मां कड़ाई देवी का मिलन हुआ। उसके बाद उख्खा कोट में भी देवी ने रानी उख्खा से मिलन किया। रथ में सुईं विशुंग के लोगों ने अपने निर्धारित स्थानों से कंधा दिया। जहां पूजा अर्चना के बाद उसे विसर्जित किया गया। इसी के साथ ही पांच दिनों से चला आ रहा वायुरथ महोत्सव का समापन हो गया।
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मां जयकारों से गुंजायमान हुआ वल्सों गांव
लोहाघाट : बाराकोट ब्लाक के वल्सों गांव में चल रहे तीन दिवसीय आषाढ़ी महोत्सव का देवीरथ यात्रा के साथ समापन हो गया है। शनिवार को सैकड़ों लोगों ने देवी रथ को गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए भगवती मंदिर तक पहुंचाया। सुबह से ही गांव के मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हो गई। दोपहर बाद मेला स्थल पर देव डांगरों ने गद्दी लगाकर फरियादियों के दुखों का निवारण किया। जिसके बाद डोला उठाया गया, जिसमें विराजमान भगवती के देवडांगर कल्याण सिंह व मोहनी देवी ने चंवर गाय की पूंछ से भक्तों को आशीर्वाद दिया। मेला समिति अध्यक्ष अजय बिष्ट, योगेश सिंह, भूपाल सिंह, दिनेश चंद्र आर्या, दान सिंह, मान सिंह, रमेश सिंह, पीयूष सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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