NPS-UPS के विरोध में कर्मचारियों ने किया पेंशन उपवास, OPS बहाली की उठाई मांग
13 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव की तैयारी, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाली की मांग
चम्पावत, 9 अगस्त। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) की जिला कार्यकारिणी के आह्वान पर रविवार को चम्पावत में NPS और UPS के विरोध तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग को लेकर पेंशन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षक-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग कर पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकजुटता का प्रदर्शन किया।
निर्धारित धरना स्थल पर आयोजित कार्यक्रम जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता के नेतृत्व और जिला मंत्री प्रकाश तड़ागी के संचालन में हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन उनके सुरक्षित भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे की गरिमा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सरकार से NPS और UPS के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की।
13 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान
NMOPS के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से OPS बहाली की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर 13 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव प्रस्तावित है। उन्होंने चम्पावत जिले के सभी शिक्षक-कर्मचारियों से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटने और अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
2027 से पहले OPS बहाली की मांग
कार्यक्रम में कर्मचारियों ने एकजुट होकर मांग उठाई कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। वक्ताओं ने कहा कि OPS केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन से जुड़ा अधिकार है।
इस दौरान मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के महामंत्री जीवन ओली, पर्वतीय शिक्षक-कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नागेंद्र जोशी, इंजीनियरिंग फेडरेशन के अध्यक्ष गोपाल कलाकोटी, राजकीय शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री नरेंद्र नाथ गोस्वामी, प्रवक्ता कुंवर प्रथोली, सतीश गहतोड़ी, गिरीश गहतोड़ी, नीरज पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री कीर्ति भट्ट, कैलाश फर्त्याल, कविंद्र तड़ागी, हरि विनोद पंत, किशोर पंगारिया, अमित टम्टा, राजेंद्र बिष्ट, रामप्रसाद कालाकोटी, नरेश जोशी, संजय कुमार, दिनेश जोशी, प्रदीप ढेक, कुंदन सिंह महर, शिवनाथ गोस्वामी, चिंतामणि कांपड़ी सहित अनेक शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि NPS और UPS कर्मचारियों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य की गारंटी नहीं देते। उन्होंने OPS बहाली तक संघर्ष जारी रखने और कर्मचारी हितों के लिए एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यकारिणी ने पेंशन उपवास में शामिल सभी शिक्षक-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार जताया।
आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा—
“NPS नहीं, UPS नहीं; कर्मचारियों को चाहिए केवल OPS।”

More Stories
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का शाल ओढ़ाकर किया स्वागत
चार घंटे तक घायल को ढोते रहे ग्रामीण, साला-रज्यूड़ा तक आज तक नहीं पहुंची सड़क
आपदा राहत में त्वरित कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता : मदन कौशिक चम्पावत में आपदा प्रबंधन, आयुष और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक