September 17, 2026

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बालेश्वर मंदिर में नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा और झांकियों ने बांधा समां, स्कूली बच्चों ने दिखाई उत्तराखंड की संस्कृति की झलक

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बालेश्वर मंदिर में नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

कलश यात्रा और झांकियों ने बांधा समां, स्कूली बच्चों ने दिखाई उत्तराखंड की संस्कृति की झलक

चंपावत। नगर के ऐतिहासिक बालेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार को सात दिवसीय मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा और झांकियां निकाली गईं। जिलाधिकारी मनीष कुमार और मानेश्वर महादेव मंदिर के मठाधीश धर्मराज पुरी जी ने हरी झंडी दिखाकर झांकियों और कलश यात्रा को रवाना किया। इस दौरान नगर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा।

महोत्सव के शुभारंभ से पहले बालेश्वर मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। महंत पवन गिरि ने गणेश पूजन, मातृ पूजन और नवग्रह पूजन समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर से कलश यात्रा और झांकियों का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी इसमें शामिल हुए।

बालेश्वर मंदिर से शुरू हुई झांकियां तल्लीहाट, भैरवा, मादली, जीआईसी और बस स्टेशन होते हुए मुख्य मोटर स्टेशन पहुंचीं। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने झांकियों का स्वागत किया। मुख्य मोटर स्टेशन पहुंचने पर स्कूली बच्चों ने विभिन्न झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पूरा नगर भक्तिमय नजर आया।

महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया। झांकियों में देवी-देवताओं से जुड़े प्रसंगों के साथ ही प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। इससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

महोत्सव समिति अध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव चंपावत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति की ओर से तैयारियां की गई हैं और नगरवासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

कार्यक्रम का संचालन अशोक वर्मा, शिक्षक नीरज जोशी, त्रिभुवन सौराड़ी और किशन सिंह बिष्ट ने किया। इस मौके पर महोत्सव समिति उपाध्यक्ष विकास साह, दायित्वधारी मुकेश महराना, श्याम नारायण पांडे, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट, प्रदेश मंत्री अनुसूचित मोर्चा सूरज प्रहरी, पूर्व महोत्सव समिति अध्यक्ष बहादुर फर्त्याल, प्रकाश पांडे, निर्मल पुनेठा, संतोष पांडे, कैलाश अधिकारी, मनीष महर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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