चम्पावत में आपदा प्रबंधन, आयुष और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक, दूरस्थ क्षेत्रों में आयुष सेवाएं मजबूत करने के निर्देश
चम्पावत। आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल और प्रभावी राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से आपदा की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें। यह बात पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को जिला सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में कही।



जनपद पहुंचने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजनाओं और उत्पादों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों की ली जानकारी
समीक्षा बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र सिंह पटवाल ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों, 24 घंटे संचालित आपदा कंट्रोल रूम, आपातकालीन हेलीपैड, मॉक ड्रिल और पूर्व चेतावनी प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ‘सचेत’ और ‘भूदेव’ एप के माध्यम से आमजन तक समय पर सूचना पहुंचाने की व्यवस्था से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पूर्व चेतावनी प्रणाली और त्वरित राहत व्यवस्था को देश में मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की ओर से रखी गई मांगों और सुझावों पर उन्होंने आपदा राहत मानकों एवं राहत दरों में व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधन का आश्वासन दिया।
दूरस्थ क्षेत्रों में आयुष सेवाएं मजबूत करने के निर्देश
आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह ने जिले में संचालित आयुष चिकित्सालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों की स्थिति की जानकारी दी। मंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में आयुष सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाफ की कमी वाले चिकित्सालयों में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सभी आयुष चिकित्सालयों और आरोग्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा किराये के भवनों में संचालित अस्पतालों के लिए भूमि चिह्नित कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
पंचायतों को विकास की मुख्य धुरी बताया
पंचायती राज विभाग की समीक्षा में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था, ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल पंचायत सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की मुख्य धुरी हैं। विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा किया जाए। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने जिलाधिकारी को सभी विभागों की समीक्षा बैठकों का नियमित अनुश्रवण करने, विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि प्रमोद कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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