April 24, 2026

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कक्षा में जिलाधिकारी: संवादात्मक शिक्षण से छात्राओं में जगी नई ऊर्जाजीजीआईसी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी बने शिक्षक

कक्षा में जिलाधिकारी: संवादात्मक शिक्षण से छात्राओं में जगी नई ऊर्जाजीजीआईसी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी बने शिक्षक, कहा – सोच बड़ी रखो, सफलता स्वयं आएगी

चंपावत। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं में आत्मविश्वास जगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) चंपावत पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि शिक्षक की भूमिका निभाते हुए कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं को एक विशेष शिक्षण सत्र में पढ़ाया।

उन्होंने “विज्ञान एवं सामाजिक उत्थान” विषय के अंतर्गत जनसंचार पर निबंध लेखन की प्रमुख बातों पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसंचार केवल सूचना का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है।जिलाधिकारी ने छात्रा मनीषा द्वारा लिखे निबंध को पढ़ते हुए उसकी सोच और लेखन शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर मनीषा ऐसा कर सकती है, तो बाकी छात्राएं भी कर सकती हैं। गलती करने से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि गलती ही सीखने की पहली सीढ़ी होती है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अपनी क्षमताओं को पहचानें और आगे बढ़ें।जिलाधिकारी ने कहा कि विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और जनसंचार जैसे विषयों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें। इन्हें समाज को समझने और सकारात्मक बदलाव लाने के उपकरण के रूप में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में प्रश्न बदल सकते हैं, लेकिन आपकी समझ और तार्किकता हर परिस्थिति में साथ देती है।शिक्षण सत्र के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं को खुलकर प्रश्न पूछने और चर्चा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, जिससे कक्षा संवादात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में बदल गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विचारशील और सशक्त नागरिकता का निर्माण है।जिलाधिकारी ने छात्राओं से उनके करियर लक्ष्यों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि नीट (NEET) और आईआईटी (IIT) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राओं के लिए जल्द ही निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे घर पर ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पा सकें।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्वच्छता और शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षिकाओं से संवाद कर शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।इस अवसर पर उप जिलाधिकारी अनुराग आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, विद्यालय की प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं और अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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