चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
अदालत ने कारावास के अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
चंपावत। विशेष सत्र न्यायालय ने एक नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी पूर्व BDC सदस्य महेश सिंह को गुनाहगार करार दिया है। दोषी BDC सदस्य को 4 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर अभियुक्त को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। फरवरी 2024 में रीठा साहब थाने में तहरीर देकर पीड़िता के पिता ने अपनी नाबालिक बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत की भी। अभियुक्त ने वादी के बेटे से पीड़िता का मोबाइल नंबर लिया। फोन कर उसकी लोकेशन जानी और किसी कागज पर हस्ताक्षर कराने के बहाने मिलने पहुंचा।
मिलने पर उसे रुपये का प्रलोभन देने का प्रयास किया। गलत मंशा से उसे झाड़ियों की तरफ ले गया और छेड़छाड़ की। लड़की ने अभियुक्त को धक्का देकर किसी तरह अपनी इज्जत बचाई। घर पहुंचने पर आपबीती परिजनों को बताई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। तमाम दलीलों, साक्ष्यों के परीक्षण के बाद कोर्ट ने आरोपी को कसूरवार पाया। विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने आरोपी महेश सिंह (45) को 4 वर्ष कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

More Stories
लोहाघाट के विकास कार्यों की स्वीकृति पर लोगों ने खुशी जताई, सीएम धामी का आभार जताया
185 आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के लिए बीएलओ मानदेय स्वीकृत, बैंक को भेजी गई धनराशि
स्मैक तस्करी कर रहा हिस्ट्रीशीटर पत्नी के साथ गिरफ्तार