गुस्सा…कैंडल मार्च निकाल मांगा इंसाफ
नन्ही परी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अख्तर अली को बरी किए जाने से टनकपुर में लोगों में उबाल
हल्द्वानी में नवंबर 2014 में हुआ था नन्हीं परी हत्याकांड
चंपावत/टनकपुर। हल्द्वानी में नवंबर 2014 में हुए नन्हीं परी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अख्तर अली के उच्चतम न्यायालय से बरी होने के बाद कुमाऊं के बहुत से हिस्सों में लोग आक्रोशित हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अब चंपावत जिले में मैदानी क्षेत्र टनकपुर में भी विरोध के स्वर मुखर हुए हैं।
आज 19 सितंबर की रात पूर्व जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव आमबाग से देर शाम कैंडल मार्च निकाल पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाए जाने की मांग की है। यह कैंडल मार्च मोहनपुर, ज्ञानखेड़ा होते हुए पीलीभीत चुंगी पहुंचा, जहां कैंडल रखकर नन्ही परी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही इस मामले में प्रदेश सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर कर दोषी को फांसी देने की मांग उठाई गई।
कैंडल मार्च में पूर्व पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, मोहनपुर की ग्राम प्रधान राधिका चंद, टनकपुर की प्रधान ललिता खत्री, बीडीसी सदस्य निर्मला जोशी, पूर्व ग्राम प्रधान कमला चंद, गीता जोशी, पूर्व उप प्रधान हरीश चंद राजा, पुष्पा चंद, मंजू मेहरा, रेनू पाल, बसंती चंद, मंजू चंद, विनीता खत्री, हेमा बिष्ट, पार्वती देवी, माया देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
The acquittal of Akhtar Ali, the main accused in the Nanhi Pari murder case, sparked outrage in Tanakpur and led to a candlelight vigil.

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