चंपावत। यूकॉस्ट की मदद से भिंगराड़ा में पिरूल एकत्रीकरण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जाएगा। क्षेत्र में पिरूल बहुतायत में होता है और गर्मी में यह पिरूल वनाग्नि का भी कारण बनता है। यूकॉस्ट की इस पहल के बाद क्षेत्र में पिरूल एकत्रीकरण से महिलाएं आत्मनिर्भर तो बनेंगी साथ ही उनकी आर्थिकी में सुधार होगा।पिरूल एकत्रीकरण से वनाग्नि की रोकथाम भी हो सकेगी। यूकॉस्ट ने जिले के भिंगराड़ा क्षेत्र का चयन ब्रिकेट यूनिट की स्थापना के लिए किया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ब्रिकेट यूनिट के लिए पिरूल एकत्रीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रति किलो पिरूल पांच रुपये की दर से महिलाओं से खरीदा जाएगा। पिरूल से बनने वाले ब्रिकेट का उपयोग बायो फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
ब्लॉक प्रबंधक, एनआरएलएम, रमेश पाटनी ने बताया कि भिंगराड़ा में यूकॉस्ट की ब्रिकेट यूनिट जून में शुरू होगी। क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाओं ने पिरूल एकत्रीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया है। पिरूल प्रति किलो पांच रुपये के हिसाब से खरीदा जाएगा। आईआईपी देहरादून पिरूल की खरीदारी और ब्रिकेट निर्माण का कार्य करेगा। इस पहल के लिए डीएम नवनीत पांडे का विशेष योगदान रहा है।
भिंगराड़ा की प्रधान गीता बिष्ट ने बताया कि ब्रिकेट यूनिट की स्थापना से क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार मिलेगा। पिरूल एकत्रीकरण से वनाग्नि की रोकथाम होगी और महिलाओं की आर्थिकी में भी सुधार आएगा। यह निश्चित तौर पर सराहनीय पहल है। इससे नई क्रांति का संचार होगा।

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