12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्टीरियल कार्मिक रवाना, आज सचिवालय घेरेंगे
कनिष्ठ सहायकों का ग्रेड वेतन बढ़ाने और पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन
संवाददाता, चम्पावत। मिनिस्टीरियल संवर्ग की 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के कार्मिक रविवार को देहरादून रवाना हो गए। फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदेशभर के कार्मिक सोमवार को सचिवालय का घेराव करेंगे। मांगों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।
फेडरेशन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार और सचिव जीवन चंद्र ओली के नेतृत्व में रवाना हुए प्रतिनिधिमंडल में उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष नागेन्द्र कुमार जोशी, एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला सचिव हिमांशु मुरारी, फेडरेशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सौंन, मुकेश जोशी, महेश सिंह गैड़ा, गिरीश चन्द्र पाण्डे, त्रिभुवन सिंह अधिकारी, रविन्द्र बगौली, गोपाल सिंह नेगी, नवीन कुमार, आशुतोष गुप्ता, सचिन कोहली, मोहित जोशी, राकेश कुमार, हिमांशु कालोनी और गोकुल जोशी समेत दर्जनों कार्मिक शामिल रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
कार्मिकों की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ सहायक का ग्रेड वेतन बढ़ाकर लेवल-5 (2800) करने, प्रशासनिक अधिकारी संवर्ग का पुनर्गठन कर उप निदेशक (प्रशासन) का लेवल-11 का पद सृजित करने और पदोन्नति के अवसर नहीं मिलने वाले विभागों में एसीपी की व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है। इसके अलावा फार्गो नियमावली समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू करने, सभी विभागों में मिनिस्टीरियल पदों का पुनर्गठन करने और पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने की मांग उठाई गई है।
कर्मचारियों ने गोल्डन कार्ड की समस्याओं का समाधान करने, स्थानांतरण अधिनियम की विसंगतियां दूर करने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के दायित्वों से संबंधित संशोधित शासनादेश जारी करने और मिनिस्टीरियल संवर्ग की कॉमन सेवा नियमावली लागू करने की मांग भी की है।
इसके साथ ही समूह ‘ग’ के कार्मिकों को गृह तहसील में तैनाती देने, पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त करने तथा सृजित पदों पर आउटसोर्सिंग से नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की गई है। कार्मिकों ने आउटसोर्सिंग के संबंध में स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने पर भी जोर दिया है।
फेडरेशन के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे मिनिस्टीरियल संवर्ग के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

More Stories
237.74 करोड़ का आईएसबीटी बन रहा, खटारा बसों से सफर करने को मजबूर यात्री
सुखीढांग बाजार में कटखने बंदरों का आतंक, स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने की बैठक सीमा पार अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर दिया जोर