October 10, 2026

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सुखीढांग बाजार में कटखने बंदरों का आतंक, स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

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सुखीढांग बाजार में कटखने बंदरों का आतंक, स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

दुकानों से खाद्य सामग्री और ग्राहकों की थाली से खाना उठा रहे बंदर, कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों में रोष
संवाददाता..शंकर जोशी
सुखीढांग (चम्पावत)। टनकपुर-चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बृजनगर सुखीढांग बाजार में कटखने बंदरों के आतंक से व्यापारी और स्थानीय लोग परेशान हैं। बंदरों के झुंड से छोटे स्कूली बच्चों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि वन विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

जौल ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि किशन सिंह बोहरा ने बूम वन रेंज के सुखीढांग कार्यालय के वनक्षेत्राधिकारी गुलजार हुसैन को बंदरों के आतंक की जानकारी दी थी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी है।

देवभूमि उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल सुखीढांग-अमोड़ी शाखा के अध्यक्ष शंकर दत्त जोशी ने बताया कि बंदर दुकानों से चिप्स, नमकीन, बिस्कुट, केले और सेब समेत अन्य खाद्य सामग्री उठा ले जा रहे हैं। मौका मिलते ही बंदर ग्राहकों की थाली से पराठे और रोटियां भी छीन लेते हैं। इससे बाजार में कारोबारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष वन विभाग ने दर्जनों बंदरों को पकड़कर दूरस्थ क्षेत्रों में छोड़ा था। इसके बावजूद पिछले दो-तीन महीने से करीब एक दर्जन बंदर फिर बाजार में सक्रिय हैं। व्यापारियों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर उत्पाती बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है।

मांग करने वालों में सदाबहार भोजनालय के स्वामी कमल किशोर, अमित टी स्टाल के महेश चौड़ाकोटी, पहाड़ी कैफे के नीरज जोशी, संजय चौड़ाकोटी, बिष्ट रेस्टोरेंट के योगेश बिष्ट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह राणा, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष हवलदार हयात सिंह राणा और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिषद के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी समेत अन्य लोग शामिल हैं।

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