सीडीओ के बाद बीडीओ का भी तबादला, विधायक के आरोपों के बीच उठे सवाल
लोहाघाट। पाटी ब्लॉक में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर गरमाए मामले के बीच मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जीएस खाती के बाद अब खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मोनिका पाल के स्थानांतरण की सूचना सामने आई है। लगातार दो अधिकारियों के तबादले को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दो दिन पूर्व लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी अपने समर्थकों और कुछ ग्राम प्रधानों के साथ कलेक्ट्रेट व विकास भवन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पाटी विकासखंड में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे। मामले को लेकर विधायक की सीडीओ जीएस खाती, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) महेश कुमार और सहायक परियोजना अधिकारी के साथ तीखी बहस भी हुई थी। विधायक ने डीपीआरओ और सहायक परियोजना अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें भ्रष्ट बताया था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ था।
घटना के अगले ही दिन शनिवार को सीडीओ जीएस खाती का स्थानांतरण कर दिया गया। अब रविवार को पाटी की बीडीओ मोनिका पाल के भी स्थानांतरण की जानकारी सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
दोनों अधिकारियों के तबादले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि विधायक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों के बाद अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। वहीं, कुछ लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया और डैमेज कंट्रोल से जोड़कर देख रहे हैं।
लगातार दो अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद अब कई सवाल भी उठ रहे हैं। क्या विधायक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों की जांच होगी? क्या तबादलों का इन आरोपों से कोई संबंध है? क्या आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है या फिर दोनों स्थानांतरण सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं?
फिलहाल अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में पाटी ब्लॉक में लगाए गए आरोपों और उसके बाद हुए तबादलों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

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