जेई का स्थानांतरण रद होने पर भड़का ग्राम प्रधानों का आक्रोश
पाटी विकासखंड के 50 से अधिक ग्राम प्रधानों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
चंपावत। पाटी विकासखंड में तैनात कनिष्ठ अभियंता (जेई) के स्थानांतरण आदेश को निरस्त किए जाने के बाद ग्राम प्रधानों का आक्रोश भड़क उठा। सोमवार को पाटी विकासखंड के 50 से अधिक ग्राम प्रधान करीब 60 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने जेई का स्थानांतरण दोबारा करने, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और कृषि उपकरणों के वितरण की भी जांच कराने की मांग की।
ग्राम प्रधानों का आरोप है कि जेई पर कार्यों में लापरवाही और अतिरिक्त कटौती किए जाने समेत कई शिकायतें हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब शिकायतों और जनप्रतिनिधि के विरोध के बाद जेई का स्थानांतरण किया गया था तो कुछ ही दिन बाद आदेश निरस्त करने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
विधायक के विरोध के बाद हुआ था स्थानांतरण
मामला उस समय गरमा गया था जब लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने पाटी ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों की शिकायतों को लेकर अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई थी। उन्होंने संबंधित जेई को हटाने और आरोपों की जांच कराने की मांग की थी।
इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से तीन सितंबर को पाटी में तैनात जेई का स्थानांतरण बाराकोट और बाराकोट में तैनात जेई का स्थानांतरण पाटी कर दिया गया था। सात सितंबर को यह आदेश निरस्त कर दोनों जेई को पूर्व तैनाती पर भेज दिया गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद ग्राम प्रधानों में आक्रोश फैल गया।
बाराकोट के प्रधान भी जता चुके हैं विरोध
पाटी से बाराकोट स्थानांतरित किए गए जेई के विरोध में बाराकोट ग्राम प्रधान संगठन भी आवाज उठा चुका है। प्रधानों का कहना था कि यदि जेई पर आरोप सही हैं तो उन्हें बाराकोट में भी तैनात नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से संबंधित जेई को हटाने की मांग की थी।
जांच नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
पाटी विकासखंड में कुल 84 ग्राम पंचायतें हैं। प्रदर्शन में 50 से अधिक ग्राम प्रधानों के पहुंचने का दावा किया गया। प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण और निष्पक्ष जांच की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का भी निर्णय लिया जाएगा।
कृषि उपकरणों के वितरण की भी हो जांच
ग्राम प्रधानों ने जेई पर लगाए गए आरोपों की जांच के साथ ही समूह की महिलाओं को वितरित किए गए कृषि उपकरणों की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच पूरी होने तक संबंधित जेई को उसी स्थान पर तैनात रखना उचित नहीं है।
डीएम ने सुना पक्ष, जांच का दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने उनकी शिकायतें सुनीं और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान शांत हुए।
सीडीओ और बीडीओ के स्थानांतरण पर भी उठाए सवाल
ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कराने की बात कही थी। इसके बाद उसी दिन उनका स्थानांतरण कर दिया गया। साथ ही बीडीओ पाटी का भी स्थानांतरण हुआ, जबकि आरोपित जेई का स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया। प्रधानों ने इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शन में ग्राम प्रधान संगठन के जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह कोटियाल चांद बोहरा, कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र राय,
ग्राम प्रधान महेश चंद्र, ज्योति, प्रकाश जोशी, तनुजा जोशी, पूजा देवी, देवकी देवी, बबीता, हेमलता बोहरा, चंदन राम, लक्ष्मी देवी और खिला देवी समेत कई प्रधान मौजूद रहे।


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