October 8, 2026

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गर्भ में शिशु की मौत, जिला अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने पर रेफर

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गर्भ में शिशु की मौत, जिला अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने पर रेफर

14 अगस्त की जांच में शिशु को स्वस्थ बताया, 18 अगस्त को निजी अस्पताल में दो सप्ताह पहले मौत की जानकारी मिलने का दावा

चंपावत। आदर्श जिले की परिकल्पना के बीच जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। 22 वर्षीय गर्भवती प्रियंका सामंत के गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद स्वजनों ने उपचार में देरी और जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के इंटरनेट मीडिया पर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

स्वजनों के अनुसार, प्रियंका 14 अगस्त को लोहाघाट उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने गई थीं। जांच के बाद चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु को स्वस्थ बताया था। 18 अगस्त को पेट में तेज दर्द होने पर पति जीवन सिंह सड़क बंद होने के कारण उन्हें करीब तीन किलोमीटर पैदल लेकर आए। इसके बाद वाहन से लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।

जिला अस्पताल पहुंचने से पहले स्वजन ने चंपावत के एक निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया। जीवन सिंह के अनुसार, जांच में चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु की करीब दो सप्ताह पहले ही मौत होने की जानकारी दी। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

जीवन सिंह ने आरोप लगाया कि यदि समय पर सही जानकारी और उपचार मिल जाता तो शायद उनका बच्चा बच सकता था। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

पीएमएस बोले- दोनों रिपोर्ट के बीच पर्याप्त अंतर

जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि करीब सात दिन पहले की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु को स्वस्थ बताया गया था। दोनों अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के बीच पर्याप्त अंतर है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। गाइनेकोलॉजिस्ट सुबह अस्पताल में आई थी लेकिन दोपहर में चल गई थी।

14 से 18 अगस्त तक घटनाक्रम

14 अगस्त: लोहाघाट उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, स्वजनों के अनुसार शिशु को स्वस्थ बताया गया।
18 अगस्त: पेट में तेज दर्द के बाद प्रियंका को अस्पताल लाया गया।
निजी अस्पताल: अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ शिशु की करीब दो सप्ताह पहले मौत होने की जानकारी मिलने का दावा।
जिला अस्पताल: स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया।

इंटरनेट मीडिया पर बताई व्यथा

पीड़ित पति जीवन सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी व्यथा बताई। उन्होंने जिला अस्पताल का वीडियो साझा करते हुए लोगों से वहां न आने की अपील की। एक अन्य वीडियो में वह पत्नी का रेफरल पेपर बनवाते दिखाई दे रहे हैं, जिसमें चिकित्सक द्वारा स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है।

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