पाइप लाइन बिछाने के नाम पर हाईवे का आधा हिस्सा घेरा, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
वन विभाग कार्यालय से खटकना पुल तक जाम, राहगीर और वाहन चालक परेशान
संवाददाता, चंपावत: पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदने के बाद उसे बदहाल छोड़ दिया गया है। शहरी विकास एजेंसी की ओर से पहले गलियों में खुदाई की गई और अब टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को भी खोद दिया गया है। खुदाई के बाद गड्ढों में मिट्टी डालकर काम पूरा मान लिया गया, लेकिन बारिश के बाद यही मिट्टी कीचड़ में तब्दील होकर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
करीब 20 फीट चौड़ी सड़क के लगभग 10 फीट हिस्से को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। बारिश के कारण बैरिकेड के आसपास कीचड़ जमा होने से सड़क और संकरी हो गई है। वन विभाग कार्यालय से खटकना पुल तक दिनभर वाहनों का दबाव रहने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। गड्ढों और कीचड़ से बचने के प्रयास में दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है।
पाइप लाइन बिछाना विकास कार्य का हिस्सा है, लेकिन सड़क की खुदाई के बाद उसे सुरक्षित और यातायात योग्य बनाए रखना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में मिट्टी बहकर सड़क पर आने की आशंका के बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। सड़क का बड़ा हिस्सा बैरिकेड से घेरने के बाद यातायात संचालन के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
विकास कार्य या आफत का इंतजाम?
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के नाम पर सड़क खोद दी गई, लेकिन लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नजरअंदाज किया जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल गड्ढों को भरने, सड़क को समतल करने, कीचड़ हटाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
गड्ढों से पटी सड़क, हादसे का खतरा
मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन शहर में प्रवेश करते ही सड़क की बदहाल स्थिति इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। जगह-जगह बने बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी और कीचड़ भरने से हादसे का खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने हाईवे की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।





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