दुष्कर्म व गर्भपात कराने के आरोप में घिरे युवक को कोर्ट ने किया बरी
लोहाघाट। दुष्कर्म, जबरन संबंध बनाने और गर्भपात कराने समेत विभिन्न आरोपों से जुड़े मामले में चम्पावत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी पंकज फर्त्याल को बरी कर दिया। अदालत ने मामले में आरोपित धाराओं के तहत आरोपी को दोषमुक्त घोषित किया है।
अभियोजन के अनुसार, लोहाघाट थाने में छह अप्रैल 2025 को दर्ज शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि पंकज फर्त्याल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। आरोप था कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर महिला के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए और उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया। अभियोजन के अनुसार, महिला ने आरोपी पर कई बार गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया था।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 88 और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पंकज फर्त्याल को आठ अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था और 17 अप्रैल 2025 को जमानत पर रिहा किया गया।
मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद अभियोजन की ओर से साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद 10 अगस्त 2026 को अपना निर्णय सुनाया। निर्णय में अदालत ने आरोपी पंकज फर्त्याल को सभी आरोपों से बरी (Acquitted) कर दिया। पंकज की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट ने दमदार पैरवी की।

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