September 19, 2026

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कुलेठी विद्यालय में लोकभाषा शिक्षण कक्षाएं, विद्यार्थियों को वितरित हुई अध्ययन सामग्री

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कुलेठी विद्यालय में लोकभाषा शिक्षण कक्षाएं, विद्यार्थियों को वितरित हुई अध्ययन सामग्री

चम्पावत। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के तत्वावधान में कुलेठी स्थित विद्यालय में उत्तराखण्डी लोकभाषाओं (कुमाऊनी, गढ़वाली एवं जौनसारी) की ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। नई पीढ़ी को मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कार्यपुस्तिका, अध्ययन सामग्री एवं परिचय-पत्र (आई-कार्ड) वितरित किए गए। मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ एवं भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी लोकमणि पंत ने कहा कि मातृभाषा हमारी संस्कृति और पहचान की सबसे बड़ी धरोहर है। उन्होंने बच्चों से घर-परिवार में भी स्थानीय भाषाओं का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया।

केंद्र प्रमुख प्रशिक्षक जनार्दन चिलकोटी ने बच्चों को दादा-दादी एवं परिवार के बुजुर्गों से कुमाऊनी भाषा के नए शब्द, लोकगीत, कहावतें और लोककथाएं सीखने तथा उन्हें अपने साथियों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मातृभाषा का संरक्षण तभी संभव है, जब इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

कार्यक्रम में केंद्र प्रमुख रुद्र सिंह बोहरा, सहयोगी प्रशिक्षक भूपेंद्र सिंह देव ‘ताऊ’, डूंगर देव जोशी, श्रीमती कमला पनेरू, हिमवत्स संस्था के प्रतिनिधि प्रकाश पुनेठा, प्रियंका सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

फोटो
: कुलेठी विद्यालय में आयोजित उत्तराखण्डी लोकभाषा शिक्षण कक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित करते मुख्य अतिथि लोकमणि पंत एवं अन्य अतिथि।

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