कारगिल के अमर शहीदों को कविताओं के जरिए दी श्रद्धांजलि, ‘काली कुमूं’ पुस्तक का हुआ विमोचन
चंपावत। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चेतना मंच के तत्वावधान में रविवार को ऐंग्लो संस्कृत विद्यालय में रविवासरीय काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कवियों ने देशभक्ति, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार, प्रेम और जीवन दर्शन पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को भी कविताओं के माध्यम से नमन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी जनार्दन चिल्कोटी ने की, जबकि संचालन फार्मेसी अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पांडेय ने किया।
गोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. भुवन चंद्र जोशी की प्रेरणादायी कविता से हुआ। इसके बाद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. तिलक राज जोशी, पुष्कर सिंह बोहरा, डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, सिप्टी जीआईसी के प्रवक्ता सामश्रवा आर्य, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. कीर्ति बल्लभ शक्टा, शिक्षक नवीन चंद्र पंत, जनकवि प्रकाश जोशी ‘शूल’ तथा अध्यक्ष जनार्दन चिल्कोटी ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवियों ने कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। वहीं पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने भी खूब सराहना बटोरी। कविता शक्टा और अवनि शक्टा ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग भर दिए।
‘काली कुमूं’ पुस्तक का विमोचन
गोष्ठी के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. कीर्ति बल्लभ शक्टा की नई पुस्तक ‘काली कुमूं’ का विमोचन भी किया गया। वक्ताओं ने उनके साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं क्षेत्रीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। डॉ. शक्टा इससे पहले भी कई पुस्तकों की रचना कर चुके हैं।

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