चम्पावत। जनपद चम्पावत के डड़ाबिष्ट गांव के निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित अदम्य साहस और वीरता के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में वीर चक्र से सम्मानित किया।
लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट के इस सम्मान से पूरे चम्पावत जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। उनके परिजनों और शुभचिंतकों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
लेफ्टिनेंट कर्नल बिष्ट के पिता डॉ. जी.बी. बिष्ट सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती निर्मला बिष्ट सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। उनके भाई एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में पूरा परिवार हल्द्वानी में निवास करता है।
डॉ. जी.बी. बिष्ट ने बताया कि सुशील बिष्ट ने वर्ष 2010 में 12वीं की शिक्षा पूरी करने के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा उत्तीर्ण की। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त हुआ। अपनी सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि परिवार सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा हुआ है और वर्तमान में हिंवत्स संस्था, कुलेठी के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। परिवार के सदस्य समय-समय पर संस्था के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपना सहयोग प्रदान करते रहते हैं।
जिलेवासियों ने लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट की इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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