August 17, 2026

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24 घंटे में बदला स्कूल समय का आदेश, विरोध के बाद पूर्व व्यवस्था बहाल

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चंपावत। जिले में विद्यालयों के संचालन समय में किए गए बदलाव का आदेश महज 24 घंटे के भीतर वापस लेना पड़ा। शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के तीव्र विरोध के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संशोधित आदेश जारी कर सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्व निर्धारित समय के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, 2 जुलाई को जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए 3 जुलाई से जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 8:50 बजे से अपराह्न 3:10 बजे तक करने के निर्देश दिए थे। आदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में असंतोष फैल गया।

उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष नागेंद्र जोशी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश सिंह देव, राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी, जिला सचिव प्रकाश चंद्र उपाध्याय, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उत्तम फर्त्याल, फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला सचिव जीवन चंद्र ओली तथा एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला सचिव हिमांशु मुरारी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी मानसिंह से आदेश वापस लेने की मांग की। मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा असमर्थता जताए जाने पर संगठनों ने अगले दिन सुबह जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया।

हालांकि, देर शाम करीब 9:30 बजे मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संशोधित आदेश जारी कर समय परिवर्तन का निर्णय निरस्त कर दिया और विद्यालयों को पूर्ववत संचालित करने की सूचना जारी कर दी।

उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने कहा कि आदेश और उसके निरस्तीकरण के बीच कम समय होने के कारण कई विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से पहले से ही 5,000 फीट (लगभग 1,524 मीटर) से अधिक ऊंचाई वाले विद्यालयों के लिए शीतकालीन तथा इससे कम ऊंचाई वाले विद्यालयों के लिए ग्रीष्मकालीन समय निर्धारित है। ऐसे में बिना पर्याप्त आधार के समय परिवर्तन उचित नहीं था।

उन्होंने यह भी कहा कि खराब मौसम के चलते विद्यालयों में अवकाश घोषित होने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश देना भी व्यावहारिक नहीं है। शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने संकेत दिए हैं कि इस संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी से वार्ता कर स्थायी समाधान का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसे आदेश जारी करने से पहले संबंधित संगठनों से संवाद स्थापित करने की भी मांग की गई है।

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