रेस्क्यू के कुछ घंटे बाद तेंदुए की मौत, वन विभाग को बीमारी का अंदेशा
दिगालीचौड़ के पटौली गांव से किया गया था रेस्क्यू, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा
चंपावत/लोहाघाट। दिगालीचौड़ क्षेत्र के पटौली गांव से रेस्क्यू किए गए एक नर तेंदुए की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। वन विभाग ने तेंदुए का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में वन विभाग को आशंका है कि तेंदुआ बूढ़ा और बीमार था।
जानकारी के अनुसार, 24 जून को पटौली गांव में बकरी चरा रही एक बालिका पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। घटना के बाद वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप लगा रही थी। इसी दौरान नाकोट के प्रधान लक्ष्मण सिंह भंडारी के मकान में तेंदुआ दिखाई दिया।
वन क्षेत्राधिकारी आर.सी. जोशी ने बताया कि पशुपालन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 25 जून की शाम तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे पिंजरे में रखकर लोहाघाट वन विभाग कार्यालय लाया गया।
उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी ने बताया कि रेस्क्यू के बाद रात तक तेंदुए की हालत सामान्य थी, लेकिन शुक्रवार सुबह वह मृत मिला। उन्होंने बताया कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया तेंदुआ बूढ़ा और बीमार प्रतीत हो रहा था। मृत नर तेंदुए की अनुमानित उम्र 8 से 9 वर्ष बताई जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
दिगालीचौड़ के पटौली गांव से किया गया था रेस्क्यू, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा
चंपावत/लोहाघाट। दिगालीचौड़ क्षेत्र के पटौली गांव से रेस्क्यू किए गए एक नर तेंदुए की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। वन विभाग ने तेंदुए का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में वन विभाग को आशंका है कि तेंदुआ बूढ़ा और बीमार था।
जानकारी के अनुसार, 24 जून को पटौली गांव में बकरी चरा रही एक बालिका पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। घटना के बाद वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप लगा रही थी। इसी दौरान नाकोट के प्रधान लक्ष्मण सिंह भंडारी के मकान में तेंदुआ दिखाई दिया।
वन क्षेत्राधिकारी आर.सी. जोशी ने बताया कि पशुपालन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 25 जून की शाम तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे पिंजरे में रखकर लोहाघाट वन विभाग कार्यालय लाया गया।
उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी ने बताया कि रेस्क्यू के बाद रात तक तेंदुए की हालत सामान्य थी, लेकिन शुक्रवार सुबह वह मृत मिला। उन्होंने बताया कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया तेंदुआ बूढ़ा और बीमार प्रतीत हो रहा था। मृत नर तेंदुए की अनुमानित उम्र 8 से 9 वर्ष बताई जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।


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