शारदा नदी में डूबे दूसरे चचेरे भाई का शव भी मिला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
टनकपुर। शारदा नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए दो चचेरे भाइयों में से दूसरे युवक नैतिक सक्सेना (18) का शव भी शुक्रवार दोपहर शारदा बैराज के गेट नंबर-6 से बरामद हो गया। परिजनों ने हाथ में पहनी अंगूठी के आधार पर उसकी शिनाख्त की। इससे पहले गुरुवार को उसके चचेरे भाई तरुण सक्सेना (20) का शव नेपाल की ओर शारदा घाट के सामने मिला था।
जानकारी के अनुसार, 22 जून को टनकपुर के बूम क्षेत्र में शारदा नदी में स्नान के दौरान दोनों चचेरे भाई तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए थे। घटना के बाद पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जल पुलिस की संयुक्त टीम लगातार सर्च अभियान चला रही थी।
शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे सूचना मिली कि शारदा बैराज के गेट नंबर-6 पर एक शव फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया। शिनाख्त के लिए बुलाए गए परिजनों ने हाथ में पहनी अंगूठी के आधार पर शव की पहचान नैतिक सक्सेना के रूप में की।
कोतवाल चेतन रावत ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई वरिष्ठ उपनिरीक्षक पूरन सिंह तोमर की देखरेख में कराई जा रही है। शव को उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा गया है।
2019 में भी नदी ने छीना था परिवार का बेटा
इस हादसे ने सक्सेना परिवार के पुराने जख्म फिर हरे कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, नैतिक के बड़े भाई अंकित सक्सेना की भी वर्ष 2019 में शारदा नदी में डूबने से मौत हो गई थी। परिवार के मुखिया वीरबहादुर सक्सेना मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में माता सीता देवी, छोटा भाई वंश सक्सेना और बहन नंदिनी सक्सेना हैं। सात वर्षों के भीतर दूसरी बार शारदा नदी ने परिवार का बेटा छीन लिया, जिससे पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

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