आयुष चिकित्सकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, काला फीता बांधकर जताया विरोध; मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
चंपावत। आयुष विभाग के प्रति राज्य सरकार के उदासीन और उपेक्षापूर्ण रवैये को लेकर प्रदेशभर के आयुर्वेदिक चिकित्सकों में भारी नाराजगी व्याप्त है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए जनपद चंपावत के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों ने सोमवार को ओपीडी के दौरान काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
जिला इकाई चंपावत के अध्यक्ष डॉ. गिरेंद्र चौहान एवं सचिव डॉ. सुधाकर गंगवार के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में चिकित्सकों ने सरकार पर आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया। चिकित्सकों का कहना है कि उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, लेकिन उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है।
चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में एसीपी, डीएसपी, संवर्गीय ढांचे का पुनर्गठन, संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, पर्याप्त मानव संसाधनों की उपलब्धता तथा वर्ष 2024 बैच के चिकित्सा अधिकारियों का स्थायीकरण शामिल है। उनका आरोप है कि इन मांगों के समाधान के बजाय सरकार द्वारा चिकित्सकों पर निजी मोबाइल फोन के माध्यम से आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है तथा अनुपालन न करने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी जा रही है।
चिकित्सकों ने कहा कि वे वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों और 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
आंदोलनरत चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन के दूसरे चरण में इसे और व्यापक बनाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और
आयुष चिकित्सकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, काला फीता बांधकर जताया विरोध; मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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