घायल गौवंश के उपचार को हर पशु अस्पताल में मिले एंबुलेंस सुविधा: नागेंद्र जोशी
संवाददाता, चंपावत ।
जिले में घायल और बीमार गौवंश के उपचार की समुचित व्यवस्था न होने पर लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच ने चिंता जताई है। मंच के अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने मांग उठाई कि प्रत्येक जिले के पशु अस्पतालों में ऐसी एंबुलेंस एवं क्रेन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे गंभीर रूप से घायल पशुओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर बेहतर उपचार मिल सके।
बाराकोट क्षेत्र के गल्लागांव निवासी दीपा देवी पत्नी स्वर्गीय गंगा सिंह ने कुछ समय पूर्व परिवार की आजीविका के लिए 24 हजार रुपये में एक गाय खरीदी थी। बताया गया कि 18 मई 2026 को सुबह गाय को गौशाला से बाहर बांधते समय वह अचानक चौंक गई और सड़क पर गिर पड़ी। तब से गाय उठने-बैठने की स्थिति में नहीं है। पशु चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर उपचार का प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई खास सुधार नहीं हो पाया है।
गौ पालक दीपा देवी का कहना है कि जिस गाय से उनके परिवार की आजीविका चल रही थी, आज उसी को तड़पते देखना पड़ रहा है। उन्हें यह भी भय सता रहा है कि रात के समय कोई जंगली जानवर गाय को नुकसान पहुंचा सकता है।
मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन घायल मवेशियों को अस्पताल तक पहुंचाने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि पशुओं के लिए विशेष राहत एवं उपचार व्यवस्था बनाई जाए।
पूर्व दुग्ध संघ अध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ में पशुपालकों के सामने इस तरह की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व तड़ाग क्षेत्र में भी एक गाय पहाड़ से गिरकर मर गई थी। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ स्तर पर सीमित सहायता दी जाती है, लेकिन शासन स्तर से भी प्रभावित पशुपालकों को आर्थिक एवं चिकित्सीय मदद मिलनी चाहिए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वसुंधरा गर्बियाल ने बताया कि अभी जिले के किसी अस्पताल में घायल गाय को अस्पताल लाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा नहीं है । शासन स्तर से मोबाइल वेटरनरी यूनिट की मांग की गई है।
फोटो… घायल गाय के पास बैठी गौ पालक दीपा देवी

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