चम्पावत। चाराल क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने महायोजना प्रारूप-2041 में क्षेत्र के 31 गांवों को शामिल किए जाने का कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि जहां आज भी सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं, वहां महायोजना लागू करना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है।
मंगलवार को जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम सदर विपिन चंद्र पंत को ज्ञापन सौंपकर महायोजना प्रारूप-2041 को चाराल क्षेत्र में लागू करने पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि महायोजना लागू होने से ग्रामीणों को भूमि उपयोग और निर्माण संबंधी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जिससे आम जनता को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Nजनप्रतिनिधियों ने मांग की कि चाराल क्षेत्र के 31 गांवों को महायोजना प्रारूप-2041 से बाहर रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर, नानू बोहरा, प्रधान कुलदीप कार्की, दीपक गिरी, कैलाश गिरी, हरीश सिंह सेठी, रोहित सेठी, चंद्रशेखर फुलारा, नीरज पांडेय, दीपक रावत, संजय कुमार सहित कई ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


More Stories
उक्रांद ने चलाया जिला भ्रमण अभियान, कार्यकारिणी विस्तार पर दिया जोर
चल्थी में बाघ की सूचना पर वन विभाग ने किया निरीक्षण, गुलदार की मौजूदगी के मिले संकेत
राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत पूर्व ITBP सब-इंस्पेक्टर सतीश चंद्र पांडे को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई