‘वाइब्रेंट गांव’ में इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण का समापन, कमांडेंट ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का मंत्र
चंपावत।
सीमावर्ती युवाओं को व्यावसायिक कौशल, मिलेट्स व बेटी बचाओ पर कमांडेंट का जोरभारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के साथ ग्रामीण कल्याण को मजबूत करने वाली पंचम वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने शनिवार ‘वाइब्रेंट गांव’ कार्यक्रम के तहत पोलप व आसपास के ग्रामीणों व युवाओं के लिए संकल्प फाउंडेशन के सहयोग से 15 दिवसीय इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण का सफल समापन किया।
कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम के दिशा-निर्देश में आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं को वायरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मरम्मत व मूलभूत तकनीकी ज्ञान सरल-व्यावहारिक तरीके से सिखाया गया।कमांडेंट ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यह पोषणकारी अनाज कठिन भूगोल में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे ग्रामीणों की आय व स्वास्थ्य दोनों सुधरेगा।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बेटियों को समान अवसर व शिक्षा प्राथमिकता देने का आह्वान किया।नशा छोड़ो, अनुशासन अपनाओ : कमांडेंट
युवाओं को नशे से दूर रहने की सख्त हिदायत देते हुए कमांडेंट ने कहा कि नशा भविष्य को बर्बाद कर देता है। अनुशासन, संयम व सकारात्मक सोच अपनाकर कौशल विकास व तकनीकी प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनें। सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भेंटकर ज्ञान का सकारात्मक उपयोग करने की प्रेरणा दी।ग्रामीणों व युवाओं ने एसएसबी के इस प्रयास की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। यह पहल सीमावर्ती युवाओं के रोजगार व विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई।
इसके अलावा सहायक कमांडेंट के.एच. मेघचंद्र सिंह, थानाध्यक्ष कमल जोशी, पीएम श्री इंटर कॉलेज तामली के प्रधानाचार्य, ग्राम प्रधान विपिन सिंह (पोलप), निशा (बचकोट), संकल्प फाउंडेशन के दीपक सिंह व पीयूष तिवारी सहित अधिकारी-जवान व प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
‘वाइब्रेंट गांव’ में इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण का समापन, कमांडेंट ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का मंत्र

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