हरेला क्लब के दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का भव्य आगाज
शारदा घाट से महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में कलश यात्रा निकाली
14 जनवरी।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जीवंत रखने वाले हरेला क्लब के दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का मंगलवार को धूमधाम से शुभारंभ हुआ। उद्घाटन से ठीक पहले शारदा घाट से कार्यक्रम स्थल तक महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली, जो पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्साह भर गई।
शिक्षाविद डॉ. मदन सिंह महर ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। परंपरागत पिछौड़ी पहनकर सजी महिलाओं की कलश यात्रा में ढोल-दमाऊं और मंगल गीत गूंजे। आगे-आगे स्कूली बच्चों ने छोलिया नृत्य प्रस्तुत कर यात्रा को आकर्षक बनाया।दूसरे दिन मेधावी छात्र सम्मान व सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जेबी चंद ने की, जबकि धर्मेंद्र चंद ने संचालन किया। क्लब अध्यक्ष अजय गुरुरानी, देवी दत्त भट्ट, दीनदयाल धामी, अनिल गड़कोटी, किशोर खर्कवाल, प्रदीप, भुवन जोशी, अमित जोशी, हेमा वर्मा, रीता कलखुड़िया, विद्या जुकरिया आदि उपस्थित रहे। देर शाम खनका सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी। वरिष्ठ संरक्षक धर्मेंद्र चंद ने बताया कि बुधवार को अपराह्न तीन बजे मेधावी छात्रों का सम्मान, स्कूली कार्यक्रम, अल्मोड़ा कला केंद्र के प्रकाश रावत व उनकी टीम की सांस्कृतिक संध्या होगी। लकी ड्रा व सामूहिक विवाह के साथ समापन होगा। डॉ. महर ने क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए मां सरस्वती की पूजा कराई। उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण में हरेला क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
शारदा घाट से महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में कलश यात्रा निकाली
14 जनवरी।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जीवंत रखने वाले हरेला क्लब के दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का मंगलवार को धूमधाम से शुभारंभ हुआ। उद्घाटन से ठीक पहले शारदा घाट से कार्यक्रम स्थल तक महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली, जो पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्साह भर गई।
शिक्षाविद डॉ. मदन सिंह महर ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। परंपरागत पिछौड़ी पहनकर सजी महिलाओं की कलश यात्रा में ढोल-दमाऊं और मंगल गीत गूंजे। आगे-आगे स्कूली बच्चों ने छोलिया नृत्य प्रस्तुत कर यात्रा को आकर्षक बनाया।दूसरे दिन मेधावी छात्र सम्मान व सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जेबी चंद ने की, जबकि धर्मेंद्र चंद ने संचालन किया। क्लब अध्यक्ष अजय गुरुरानी, देवी दत्त भट्ट, दीनदयाल धामी, अनिल गड़कोटी, किशोर खर्कवाल, प्रदीप, भुवन जोशी, अमित जोशी, हेमा वर्मा, रीता कलखुड़िया, विद्या जुकरिया आदि उपस्थित रहे। देर शाम खनका सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी। वरिष्ठ संरक्षक धर्मेंद्र चंद ने बताया कि बुधवार को अपराह्न तीन बजे मेधावी छात्रों का सम्मान, स्कूली कार्यक्रम, अल्मोड़ा कला केंद्र के प्रकाश रावत व उनकी टीम की सांस्कृतिक संध्या होगी। लकी ड्रा व सामूहिक विवाह के साथ समापन होगा। डॉ. महर ने क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए मां सरस्वती की पूजा कराई। उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण में हरेला क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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