चंपावत में स्पिरिचुअल इको-टूरिज़्म को बढ़ावा— सचिव पर्यटन की अध्यक्षता में ज़ोन विकास पर समीक्षात्मक बैठक
चंपावत। ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने की तैयारी तेजचंपावत, 14 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष पहल पर चंपावत में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन विकसित करने की कवायद तेज हो गई है।
इसी क्रम में सचिव पर्यटन धीरज गर्ब्याल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें चंपावत को आध्यात्मिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं स्थानीय संस्कृति के संगम से एक समग्र पर्यटन सर्किट रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी मैकेंज़ी द्वारा इस कार्ययोजना का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण, आजीविका एवं आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को समन्वित दृष्टि से आगे बढ़ाएगा।बैठक में गोल्ज्यू देवता, माँ वाराही धाम, बाणसूर, अबॉट माउंट, राजबुँगा किला और स्वामी विवेकानंद सर्किट समेत ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हुए एक आकर्षक और सुव्यवस्थित टूरिज्म कर्रिडोर विकसित करने की योजना पर जोर दिया गया।
सचिव पर्यटन एवं जिलाधिकारी ने श्यामलताल, डांडा ककनई, कोलीढेक सहित अन्य स्थलों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। पंचेश्वर क्षेत्र में महाशीर मछली संरक्षण हेतु एंग्लिंग स्कूल और कोलीढेक झील में इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। लोहाघाट के समग्र सुदृढ़ीकरण एवं यात्री सुविधाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई।बैठक में उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, मैकेंज़ी के कंसलटेंट और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही। जिले को स्पिरिचुअल-इको डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन मुस्तैद है।

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