June 12, 2026

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स्थाई शिक्षक अधिवेशन में व्यस्त अतिथि शिक्षक संभालेंगे विद्यालय

चंपावत।
लंबे समय से अपने मानदेय बढ़ाने, स्थायी नियुक्ति समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है ।
प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने में अतिथि शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
23 मई से जनपद के राजकीय शिक्षकों की जिला कार्यकारिणी का गठन होना है, जिसके चलते वह 2 दिन के अवकाश पर हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने इसको लेकर अनुमति भी दे दी है।
ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग को अतिथि शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था सुचारू रखने की जिम्मेदारी दी गई है। आलम यह है कि कहीं-कहीं तो छात्र संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण विद्यालयों की स्थिति संभालना मुश्किल हो रहा है। लेकिन कम मानदेय में कार्यरत अतिथि शिक्षक विद्यालयों की व्यवस्था संभाले हुए हैं।
अब जनपद के हजारों विद्यार्थी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई कर सकेंगे। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि जून माह के मानदेय के लिये सरकार और अधिकारियों से गुहार लगे लेकिन अभी तक वेतन नहीं मिला।
10 वर्षों से राज्य के दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में अपनी निरन्तर सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने जल्द अपनी मांगों को पूर्ण करने की मांग की है। उन्होंने राज्य में सेवा नियमावली के आधार पर नियमित करने की मांग की है।
चंपावत अतिथि शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष चंचल सिंह ने कहा है कि वे विद्यालय में अपने मूल विषय के अध्यापन कार्य के अलावा की समस्त गतिविधियों, कक्षा अध्यापकों का कार्यभार एवं अन्य प्रभार के साथ पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं फिर भी सरकार उनके प्रति उदासीन है। जून के मानदेय हेतु अधिकारियों का स्पष्ट रवैया नहीं है।
अतिथि शिक्षक संगठन के सचिव नीरज जोशी,जिला कोषाध्यक्ष योगेश खर्कवाल संरक्षक मोहन चिलकोटी उपाध्यक्ष उमेश मिश्रा उपाध्यक्ष नवीन पुनेठा उपाध्यक्ष रेखा बोरा महामंत्री तारा सिंह संयुक्त सचिव सुनील कुमार प्रहरी ने शीघ्र उनकी मांग है पूर्ण करने की मांग की है।

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