September 11, 2026

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चंपावत को 27 साल बाद मिली एनसीसी की स्वतंत्र कंपनी।

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27 साल बाद जिले को मिली एनसीसी की स्वतंत्र कंपनी।

…ले. कर्नल नरेंद्र सिंह नगरकोटी ने पहले सीओ के रूप में संभाला कार्यभार।

चंपावत। जिला सृजित होने के 27 वर्ष बाद चंपावत जनपद को दो उत्तराखंड स्वतंत्र कंपनी एनसीसी मिल गई है। इसके संचालन के लिए सेना से आए ले.कर्नल नरेंद्र सिंह नगरकोटी को पहला कमांडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है जिन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। आज तक जिले में लोहाघाट के पीजी कॉलेज, जीआईसी, जीजीआईसी , राजकीय पॉलिटेक्निक, राजीव नवोदय विद्यालय, जीआईसी चौमेल, पाटी, चंपावत के जवाहर नवोदय विद्यालय, यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल, टनकपुर में भी एनसीसी यूनिट कार्य कर रही है जिसकी संचालन आज तक पिथौरागढ़ की 80 एनसीसी बटालियन एवं 24 गर्ल्स बटालियन अल्मोड़ा से उधार में चल रही थी। यहां एनसीसी की स्वतंत्र बटालियन खोलने के लिए नागरिकों द्वारा लंबे समय से प्रयास किये जा रहे थे। एनसीसी के नए कार्यालय में तीन मिनिस्टीरियल कर्मियों के अलावा एक सूबेदार, चार हवलदार मिल गए हैं। सीमांत, सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एवं सैनिकबहुल इस क्षेत्र के युवाओं की पहले से ही एनसीसी में काफी रुचि रही है तथा एनसीसी के जरिए यहां के तमाम युवा सैन्य अधिकारी होते आ रहे हैं।
वर्तमान में जिले में 62 जीआईसी 26 प्राइवेट, इसी प्रकार 43 राजकीय एवं 9 प्राइवेट हाई स्कूल संचालित है। मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट के अनुसार मंच, तामली जैसे दुरस्त विद्यालयों के लंबे समय से एनसीसी यूनिट खोलने की मांग चली आ रही है। एनसीसी यूनिट स्थापित करने के लिए मानक में जो भी विद्यालय आएंगे वहां स्थापित करने की लिए मजबूत पहल की जाएगी। एनसीसी बच्चों के अनुशासन, हेल्थ एवं उन्हें नशे से दूर रखना का ही माध्यम नहीं बल्कि सेना एवं अन्य विभागों के लिए हम एक आदर्श युवा को देने में सक्षम होंगे।
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एनसीसी का “बी” एवं “सी” सर्टिफिकेट खोलता है सेना में जाने के द्वार।
एनसीसी लेने वाले छात्र यदि “सी” सर्टिफिकेट की श्रेणी उत्तीर्ण कर लेते हैं तो उन्हें सेना,अर्धसैनिक बल एवं पुलिस आदि में तो वरीयता मिलती ही है तथा नागरिक क्षेत्र में भी इन्हें काफी महत्व दिया जाता है। “सी” सर्टिफिकेट उत्तीर्ण कैडेट को सेना की भर्ती में लिखित परीक्षा से मुक्त रखा जाता है। इसी प्रकार “बी” सर्टिफिकेट में भी काफी वर्यताएँ मिलती है।

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