लंबे समय से बरसात नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों ने एक बार फिर से इस परंपरा को आजमाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत घटकू मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसके लिए जल चढ़ाने वाले लोगों ने तीन दिन पूर्व से तैयारी कर रखी थी और उपवास में थे। घटकू मंदिर से तांबे के मटको में मंदिर के कुंड लिए जल से लाया गया । मनमोहन ने बताया कि कुंड पूर्ण रूप से भर गया था और फव्वारा के रूप में जल भर रहा था।
वर्ष 2016 में और 2022 में भी जब क्षेत्र में बारिश नहीं हुई थी तो इसी तरह कुंड में विधि-विधान के साथ जल भर गया जिसके बाद क्षेत्र में बारिश हो गई थी।
इस दौरान मनमोहन बोहरा, नवी त्रिपाठी, पंडित घनश्याम बिष्ट, पंडित किशन सिंह, मोहित पुजारी ने नौले से जल भरकर जल चढ़ाया।


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