लोकसभा चुनाव को लेकर दिए जा रहे प्रशिक्षण में बाराकोट उच्च प्राथमिक विद्यालय पांच पीपल में तैनात एक शिक्षक लगातार गैर हाजिर चल रहा था। कई बार नोटिस भेजने के बाद भी जब शिक्षक प्रशिक्षण में नहीं आया। बाद में पता चला कि शिक्षक एक साल से विद्यालय में भी नहीं जा रहा है।
यहां तक कि इस शिक्षक की ड्यूटी 19 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मतदान अधिकारी प्रथम के रूप में भी लगाई गई थी। लेकिन शिक्षक की आमद फिर भी नहीं हुई। थकहार कर अब विभाग ने उनका निलंबन कर दिया है।
बाराकोट विकासखंड के पांचपीपल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक खीमेंद्र सिंह रौतेला को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया था। 19 मार्च को प्रथम प्रशिक्षण हुआ, लेकिन शिक्षक गैर हाजिर रहा। 21 मार्च को शिक्षा विभाग ने नोटिस भेज तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया, मगर शिक्षक का कोई जवाब नहीं मिला। चंपावत के मुख्य शिक्षाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि लंबे समय से गैर हाजिर शिक्षक को पिछले साल मई में भी दो नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उनका भी कोई जवाब नहीं मिला। अंततः अब विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है और निलंबन की जानकारी भी उनके पते पर भेजी गई है।
मुख्य शिक्षाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट का कहना है कि शिक्षक ने अब तक भेजे किसी भी पत्र को न तो रिसीव किया है और नहीं जवाब दिया है। अलबत्ता शिक्षक का वेतन रोका गया है। वहीं शिक्षक की गैर हाजिरी से स्कूल की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।

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