August 11, 2026

आम जनता की आवाज

सच का सारथी

Dukan Ad
Dukan Ad
Dukan Ad

महिलाएं खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी : गीता धामी

महिलाएं खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी : गीता धामी

सावन उत्सव में 10 कर्मठ महिलाओं को मिला नंदा शिखर सम्मान, चंदन का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

टनकपुर। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को मिलन वाटिका में सावन उत्सव-2026 का आयोजन किया गया। मातृशक्ति को समर्पित कार्यक्रम में लोक संस्कृति, भक्ति और मनोरंजन की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 कर्मठ महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि महिलाएं केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। शिक्षा, खेल, प्रशासन और उद्यमिता समेत हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। नंदा गौरा योजना जैसी पहल बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं सफल उद्यमी बन रही हैं। ऐपण कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और होमस्टे के माध्यम से महिलाएं रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही हैं। उन्होंने फाउंडेशन की ओर से शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और मार्केटिंग के क्षेत्र में महिलाओं को सहयोग देने का संकल्प दोहराया।

चंदन का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ अभियान के तहत चंदन का पौधा रोपा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण का संकल्प दिलाया। उन्होंने महिलाओं से उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक परिधानों को सहेजने का भी आह्वान किया।

उत्सव में ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’ और ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ सहभागिता पुरस्कार भी दिए गए। भगवान शिव-पार्वती पर आधारित नृत्य, ग्रुप डांस और नाट्य प्रस्तुतियों के साथ सांतूं-आंठू (गौरा-महेश) तथा झोड़ा-चांचरी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ और मनोरंजक खेलों ने भी महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

10 कर्मठ महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान

स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिक्षिकाओं, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, आपातकालीन सेवा में कार्यरत चिकित्सा टेक्नीशियन तथा क्षेत्र की पहली टुकटुक संचालिका समेत 10 महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान प्रदान किया गया। गीता धामी ने कहा कि सम्मानित महिलाओं का संघर्ष और योगदान समृद्ध उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी से ऐसा उत्तराखंड बनाने का आह्वान किया, जहां प्रत्येक महिला स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ सके।

कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया। इस दौरान राज्य दर्जा मंत्री हेमा जोशी, किरन देवी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपा जोशी, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, तुलसी कुंवर, जिला पंचायत सदस्य सरोज चंद, सुनीता यादव, कपि धस्माना, रुकमणी उनियाल, बबीता गोस्वामी, मुन्नी देवी, गीता देवी, हंसा जोशी, विद्या, निशा वर्मा, रीता कलखुड़िया और उर्मिला चंद समेत कई लोग मौजूद रहे।

शेयर करे