तेंदुए के जबड़े से पिता को खींच लाई बेटी, रजाई डालकर बचाई जान; घंटों बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू
…..बेटी बनी पिता की ढाल, रजाई डालकर तेंदुए से बचाई जान; घंटों चले रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने पकड़ा गुलदार
चम्पावत। जिला मुख्यालय के निकट स्थित सिमल्टा ग्राम पंचायत में शुक्रवार रात करीब नौ बजे दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 62 वर्षीय सुरेश पांडे अपने घर में टीवी देख रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक तेंदुए (गुलदार) ने अचानक कमरे में घुसकर उन पर हमला कर दिया। सुरेश पांडे की चीख-पुकार सुनकर उनकी 30 वर्षीय बेटी किरण पांडे बिना अपनी जान की परवाह किए कमरे में पहुंची और साहस का परिचय देते हुए तेंदुए से भिड़ गई।
किरण ने सूझबूझ दिखाते हुए तेंदुए के ऊपर रजाई डाल दी और इसी बीच अपने घायल पिता को किसी तरह कमरे से बाहर खींच लिया। इसके बाद उसने बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया, जिससे तेंदुआ अंदर ही कैद हो गया। शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद वनकर्मियों ने तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इस दौरान तेंदुए ने घर के अंदर रखा सामान भी तहस-नहस कर दिया।
हमले में घायल सुरेश पांडे को तत्काल जिला अस्पताल चम्पावत पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
बताया गया कि किरण पांडे का ससुराल पिथौरागढ़ जिले के छाना क्षेत्र में है। वह कुछ दिन पहले अपनी मां के ऑपरेशन के बाद घर के कामकाज में सहयोग के लिए मायके आई हुई थीं। उनकी मौजूदगी और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
ग्राम प्रधान गिरीश पालीवाल ने किरण पांडे की बहादुरी की सराहना करते हुए जिलाधिकारी और वन विभाग से उन्हें सम्मानित करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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