May 27, 2026

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मुंडन के नाम पर श्रद्धालुओं से दोगुनी वसूली के आरोप पूर्णागिरि धाम में बाल मुंडन शुल्क को लेकर बढ़ा विवाद, श्रद्धालुओं ने ऑन कैमरा बताई आपबीती

मुंडन के नाम पर श्रद्धालुओं से दोगुनी वसूली के आरोप
पूर्णागिरि धाम में बाल मुंडन शुल्क को लेकर बढ़ा विवाद, श्रद्धालुओं ने ऑन कैमरा बताई आपबीती

संवाददाता चंपावत/पूर्णागिरि धाम। आस्था के प्रमुख केंद्र पूर्णागिरि धाम में इन दिनों बाल मुंडन के नाम पर श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क से अधिक धन वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं। विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने ऑन कैमरा आरोप लगाते हुए कहा कि मुंडन के लिए तय शुल्क से लगभग दोगुनी राशि ली जा रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी धामों और तीर्थ स्थलों पर बच्चों का मुंडन शुभ माना जाता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूर्णागिरि धाम पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मुंडन शुल्क को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।

रुद्रपुर निवासी श्रद्धालु गंगाधर ने बताया कि उनके दो बच्चों के मुंडन के लिए कुल 680 रुपये लिए गए। उनका आरोप है कि 400 रुपये काउंटर पर, 200 रुपये नाई को तथा 80 रुपये न्योछावर के नाम पर वसूले गए। वहीं बरेली निवासी ध्रुवपाल ने एक बच्चे के मुंडन के लिए 300 रुपये देने की बात कही। दोनों श्रद्धालुओं ने यह आरोप कैमरे के सामने लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार जिला पंचायत संचालित मेले में बाल मुंडन का निर्धारित शुल्क 151 रुपये तय किया गया है, जबकि श्रद्धालुओं से 300 से 340 रुपये तक वसूले जाने के आरोप हैं। इसके अलावा न्योछावर के नाम पर अतिरिक्त रकम लेने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इस मामले में ठेकेदार जितेंद्र सिंह महर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

जांच के बाद होगी कार्रवाई: एएमए

जिला पंचायत के एएमए कमलेश बिष्ट ने कहा कि मुंडन शुल्क में अधिक वसूली की शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले घटाया गया था शुल्क

बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मई 2024 में मुंडन शुल्क कम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला पंचायत ने मुंडन शुल्क 151 रुपये से घटाकर 101 रुपये कर दिया था। वर्ष 2025 में भी यही शुल्क लागू रहा। पिछले वर्ष जिला पंचायत को बाल मुंडन शुल्क से करीब 80.09 लाख रुपये की आय हुई थी।

वर्तमान वर्ष में बाल मुंडन का ठेका 1.32 करोड़ रुपये में जितेंद्र सिंह महर के नाम हुआ है। जिला पंचायत द्वारा 18 प्रतिशत जीएसटी सहित मुंडन शुल्क 151 रुपये निर्धारित किया गया है।

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