खौफजदा ग्रामीणों का प्रदर्शन: गजराज के खतरे से निजात की मांग
संवाददाता टनकपुर/चंपावत: पूर्णागिरि मार्ग से लगे उचौलीगौठ और गैडाखाली गांवों में हाथियों के बढ़ते आतंक से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए हाथियों के खतरे से जल्द निजात दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। चेतावनी दी गई कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से क्षेत्र में एक अकेला हाथी लगातार उत्पात मचा रहा है। यह हाथी फसलों को बर्बाद करने के साथ-साथ मकानों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों में भय का माहौल है, बल्कि पूर्णागिरि आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
आरोप है कि वन विभाग अब तक हाथी के आतंक को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। गांवों में लगी सोलर फेंसिंग भी कई स्थानों पर खराब पड़ी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि गांव की ओर पत्थरों की ऊंची दीवार बनाई जाए और पूर्णागिरि मार्ग के किनारे उगी झाड़ियों की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि हाथियों की आवाजाही को रोका जा सके।
बताया गया कि यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर के अंतर्गत आता है, जिसमें बूम, शारदा और दोगाड़ी रेंज शामिल हैं। ऐसे में वन विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह त्वरित और प्रभावी कदम उठाए।
प्रदर्शन में त्रिलोक सिंह बोहरा, गणेश सिंह महर, आनंद महर, गीता चंद, जानकी महर, अनीता देवी, गोदावरी देवी, तुलसी देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
संवाददाता टनकपुर/चंपावत: पूर्णागिरि मार्ग से लगे उचौलीगौठ और गैडाखाली गांवों में हाथियों के बढ़ते आतंक से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए हाथियों के खतरे से जल्द निजात दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। चेतावनी दी गई कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से क्षेत्र में एक अकेला हाथी लगातार उत्पात मचा रहा है। यह हाथी फसलों को बर्बाद करने के साथ-साथ मकानों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों में भय का माहौल है, बल्कि पूर्णागिरि आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
आरोप है कि वन विभाग अब तक हाथी के आतंक को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। गांवों में लगी सोलर फेंसिंग भी कई स्थानों पर खराब पड़ी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि गांव की ओर पत्थरों की ऊंची दीवार बनाई जाए और पूर्णागिरि मार्ग के किनारे उगी झाड़ियों की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि हाथियों की आवाजाही को रोका जा सके।
बताया गया कि यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर के अंतर्गत आता है, जिसमें बूम, शारदा और दोगाड़ी रेंज शामिल हैं। ऐसे में वन विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह त्वरित और प्रभावी कदम उठाए।
प्रदर्शन में त्रिलोक सिंह बोहरा, गणेश सिंह महर, आनंद महर, गीता चंद, जानकी महर, अनीता देवी, गोदावरी देवी, तुलसी देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


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