पूर्व डाकमास्टर टीकाराम भट्ट का स्वर्गवास, पीपलपानी में
अंतिम संस्कार में लकड़ी बचाने को चारों भाइयों ने लगाए देवदार के पौधे
चंपावत । पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर टीकाराम भट्ट का 27 जनवरी को स्वर्गवास हो गया। उनके पैतृक गांव स्वांला के निवासी 6:25 बजे सायं को अंतिम सांस ली। परिजनों ने सादगी भरा पीपलपानी संस्कार 7 फरवरी को दोपहर 12 बजे धूरा तोक स्वांला में आयोजित किया।
परिजनों ने सभी से ब्रह्मभोज ग्रहण करने का आग्रह किया है। सूचना को ही निमंत्रण मानें। स्वर्गीय भट्ट ने जीवनभर हजारों पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया। एक उत्कृष्ट काष्ठ कलाकार के रूप में भी लोग उन्हें पहचानते थे सीएम धामी से लेकर तमाम जिलाधिकारीयों ने भी ने भी उनकी काष्ठ कला की प्रशंसा की थी। जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।
उनकी स्मृति में परिजनों ने पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संकल्प लिया । दादाजी की स्मृति में वृक्षारोपण
अंतिम संस्कार में प्रयुक्त लकड़ी से अधिक भूमि ऋण चुकाने को चारों भाइयों ने एक-एक देवदार का पौधा लगाया। ये पौधे दादाजी के आदर्शों के जीवंत प्रतीक बनेंगे। समय के साथ विशाल होकर वे हमेशा उनकी स्मृति को ताजा रखेंगे।
पूर्व डाकमास्टर टीकाराम भट्ट का पीपलपानी , दादाजी की स्मृति में वृक्षारोपण किया

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