April 20, 2026

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4 किलोमीटर डोली में घायल महिला को पहुंचाया सड़क तक, कोटकेंद्री गांव की बदहाल तस्वीर ने उठाए सवाल

4 किलोमीटर डोली में घायल महिला को पहुंचाया सड़क तक, कोटकेंद्री गांव की बदहाल तस्वीर ने उठाए सवाल
पूर्णागिरि धाम के पास सड़क और स्वास्थ्य सेवा के हाल बेहालचंपावत/पूर्णागिरि धाम। चंपावत को भले ही “आदर्श जिला” कहा जाता हो, लेकिन पूर्णागिरि धाम के पास स्थित सड़कविहीन कोटकेंद्री गांव की यह तस्वीर उस उपाधि पर सवाल खड़े कर रही है। घायल महिला को चार किलोमीटर तक डोली में कंधों पर लादकर सड़क तक लाना प्रशासनिक दावों की पोल खोलता है।
जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी की शाम को कोटकेंद्री गांव निवासी पुष्पा देवी (35), पत्नी रतन सिंह, बकरी का चारा काटते समय अचानक पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। गांव में स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उन्हें डोली में लादकर चार किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया।
वहां से उन्हें भैरव मंदिर के रास्ते 20 किलोमीटर दूर टनकपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है।घटना के दौरान लक्ष्मण सिंह, मदन, मोहन सिंह और दीपक सिंह सहित कई ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
गांव वालों का कहना है कि हर साल बीमार या घायल लोगों को इसी तरह सड़क तक पहुंचाना उनकी मजबूरी बन गई है।लोक निर्माण विभाग चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता मोहन चंद्र पलड़िया ने बताया कि पोथ से कोटकेंद्री होते हुए सेलागाड़ तक लगभग 18 किलोमीटर लंबी सड़क का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
संबंधित प्रक्रिया अभी गतिमान है।पूर्णागिरि (कालीगूंठ) ग्राम प्रधान पंकज तिवारी ने कहा कि कोटकेंद्री तक सड़क न होने से ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि कई बार पोथ-कोटकेंद्री–सेलागाड़ सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है, पर अब तक केवल सर्वे तक ही सीमित रही है। तिवारी ने कहा कि सड़क के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना भी यहां आवश्यक है, ताकि लोगों को उपचार के लिए डोली या पैदल लंबी दूरी न तय करनी पड़े।

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