April 23, 2026

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चंपावत में निर्माणाधीन स्कूल भवन में 13 वर्ष के बच्चे से ठेकेदार कर रहा था बाल श्रम, सहायक श्रमायुक्त की छापेमारी

बाल श्रम पर प्रशासन की सख्ती, निर्माण स्थल से किशोर मजदूर रेस्क्यू
चम्पावत, 19 दिसंबर।
जनपद मुख्यालय स्थित एक निजी स्कूल के निर्माणाधीन भवन में शुक्रवार को सहायक श्रमायुक्त सुनील तिवारी की अगुवाई में की गई आकस्मिक छापेमारी में बाल श्रम का मामला सामने आया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने 13 वर्षीय किशोर को अवैध रूप से निर्माण कार्य में लगा पाया।सहायक श्रमायुक्त तिवारी ने बताया कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3A (वर्ष 2016 में संशोधित) के तहत बाल श्रम दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि मौके पर मिले किशोर को श्रम विभाग की टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।
बालक के संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया विभागीय समन्वय से सुनिश्चित की जा रही है। प्रकरण में निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि बाल श्रम सामाजिक अपराध है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि बाल श्रम से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल श्रम विभाग या जिला प्रशासन को दें ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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