मुड़ी अंगुलियां, अडिग हौसला: दिव्यांग दीपक की चित्रकारी ने जीता सबका दिल
चंपावत। विश्व दिव्यांग दिवस पर पाटी ब्लॉक के खरही गांव के 36 वर्षीय दीपक शर्मा जज़्बे की अनोखी मिसाल बनकर सामने आए हैं। दोनों हाथों की अंगुलियां मुड़ी होने के बावजूद दीपक की खूबसूरत चित्रकारी हर किसी को हैरत में डाल रही है।
दीपक ने लोहाघाट पीजी कॉलेज से स्नातक करने के बाद पेंटिंग को ही अपने भविष्य और आजीविका का साधन बनाया। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने दूसरों की पेंटिंग देखकर सीखना शुरू किया और धीरे‑धीरे मुड़ी हुई अंगुलियों के बीच पेंसिल व ब्रश फंसाकर वॉल पेंटिंग, देवी‑देवताओं के चित्र और विज्ञापन लेखन में खास पहचान बना ली।
ग्रामीण क्षेत्रों में दीपक की वॉल पेंटिंग की अच्छी धाक है और वे विभिन्न स्कूलों व सरकारी विभागों के लिए भी चित्रकारी कर सम्मानजनक आजीविका कमा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग ने उन्हें दिव्यांग एंबेसडर भी बनाया है, जिससे वे दूसरों दिव्यांगजनों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दीपक सिर्फ कलाकार ही नहीं, जागरूक नागरिक भी हैं। वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उठाते रहते हैं और ‘लधिया घाटी न्यूज़’ नाम से एक ग्रुप चलाकर स्थानीय मुद्दों को सामने लाते हैं, जो विश्व दिव्यांग दिवस की उस भावना को मजबूत करता है जिसमें दिव्यांगजनों को अधिकारों और विकास की मुख्य धारा में शामिल करने पर जोर दिया गया है।
मुड़ी अंगुलियां,अडिग हौसला: दिव्यांग दीपक की चित्रकारी ने जीता सबका दिल

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