April 24, 2026

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दिव्यांगों में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बने हिम्मत सिंह शिक्षा और समाजसेवा से रच रहे प्रेरणा की नई मिसाल

दिव्यांगों में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बने हिम्मत सिंह
शिक्षा और समाजसेवा से रच रहे प्रेरणा की नई मिसाल

चंपावत। पाटी ब्लॉक के ग्राम रिखोली निवासी हिम्मत सिंह शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। जन्म से 40 प्रतिशत पोलियो प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष और लगन से न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त की, बल्कि समाज में योगदान का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।हिम्मत सिंह, पुत्र हरीश सिंह, ने प्राथमिक शिक्षा अपने गांव से प्राप्त की। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज ढोलीगांव से बारहवीं करने के बाद वर्ष 2015 में एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से स्नातक और 2017 में इतिहास विषय से परास्नातक की उपाधि हासिल की। पढ़ाई के साथ उन्होंने बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने का कार्य भी शुरू किया।वर्ष 2019-20 में उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चंपावत में डाटा एंट्री ऑपरेटर का कोर्स पूरा किया। वर्तमान में वे अपना कंप्यूटर कोचिंग सेंटर चला रहे हैं, जहां दिव्यांग और सामान्य दोनों ही वर्गों के बच्चों को समान शिक्षा दी जा रही है।उनके योगदान को देखते हुए तीन दिसंबर 2022 को उन्हें राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा तीन दिसंबर 2023 को वीरभद्र वेलफेयर सोसाइटी, देहरादून द्वारा भी उन्हें सम्मान मिला।हिम्मत सिंह जिलाधिकारी मनीष कुमार ने भी प्रशस्ति पत्र भेजकर सम्मानित किया है। डीएम ने कहा कि कौशल विकास योजना से प्रशिक्षण लेकर स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं तथा अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे हैं । हिम्मत ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि समूचे दिव्यांग वर्ग के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

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