May 9, 2026

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सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी किया है। यह गिरफ्तारी 26 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के बाद की गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर को इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की है। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मामला दर्ज है और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया है।

उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने गिरफ्तारी की legality को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि वांगचुक की गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और पत्नी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और प्रशासन से हिरासत के दस्तावेज और जवाब मांगा है और उचित चिकित्सा सुविधा देने का आदेश भी दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने गिरफ्तार करने की वजहें स्पष्ट नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। इस मामले को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे सीधे आने की अनुमति दी है।यह मामला लेह में 24 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, जिसमें राज्य का दर्जा और संविधान की 6वीं अनुसूची में लद्दाख शामिल करने की मांग थी, से जुड़ा हुआ है। वांगचुक पर विदेशी फंडिंग के आरोप भी लगे हैं, जिसके चलते उन्हें जोधपुर न्यायालय में पेश किया गया है।सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई की और केंद्र सहित संबंधित पक्षों को 14 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।यह जानकारी अमर उजाला समेत कई प्रमुख समाचार स्रोतों पर उपलब्ध है और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं।

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