“चलो अंग्रेज़ी में हिंदी दिवस मनाएँ” – महफ़िल ओपन माइक में रचनात्मक अभिव्यक्तियों की झलक रंग कारवाँ द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित महफ़िल ओपन माइक में 40 से अधिक युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, वरिष्ठजनों और गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंच पर कविता, गीत और नृत्य के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी कला और अभिव्यक्ति को साझा किया।
हिंदी दिवस को विशेष बनाते हुए कवियों और वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व, उसकी वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक भुवन चंद्र जोशी, हिमांशु जोशी, सामश्रवा आर्य और गौरव पांडे ने अपने वक्तव्यों में हिंदी के क्षीण होते प्रयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की और हिंदी के संवर्धन के लिए प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
युवा कवियों ने भी अपनी कविताओं में हिंदी की ऐतिहासिक धरोहर, उसकी गरिमा और समय के साथ घटते प्रभाव को बड़ी खूबसूरती से पिरोया। “चलो अंग्रेज़ी में हिंदी दिवस मनाएँ” जैसी रचनाओं ने श्रोताओं को विशिष्ट अंदाज़ में सोचने को प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्टेप अप डांस एकेडमी के नन्हें कलाकारों का मनमोहक नृत्य-प्रदर्शन रहा, जिसने वातावरण में उत्साह और उमंग भर दी।मंच संचालन का दायित्व अंकित ने कुशलता से निभाया। कार्यक्रम में सचिन, नीरज, राहुल, किरन, हिमानी, संगीता सहित अनेक लोग सम्मिलित होकर महफ़िल के सहभागी बने।

More Stories
कारगिल के अमर शहीदों को कविताओं के जरिए दी श्रद्धांजलि, ‘काली कुमूं’ पुस्तक का हुआ विमोचन
लोहाघाट में कारगिल विजय दिवस पर गूंजे शौर्य के किस्से, शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
वन दरोगा से मारपीट पर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी