September 17, 2026

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चम्पावत-लोहाघाट नगर के मास्टर प्लान 2041 एवं टनकपुर-बनबसा मास्टर प्लान 2043 की समीक्षा बैठक सम्पन्न, नगरों को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने पर जोर

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चम्पावत-लोहाघाट मास्टर प्लान 2041 एवं टनकपुर-बनबसा मास्टर प्लान 2043 की समीक्षा बैठक सम्पन्न, नगरों को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने पर जोर

जिलाधिकारी  मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में चम्पावत एवं लोहाघाट मास्टर प्लान–2041 तथा टनकपुर-बनबसा मास्टर प्लान–2043 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

चंपावत।

यह मास्टर प्लान प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली एवं भोपाल द्वारा तैयार किया जा रहा है। बैठक में मास्टर प्लान की प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और सतत विकास की रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने कहा कि चम्पावत और लोहाघाट को ट्विन सेटलमेंट के रूप में विकसित किया जाना है, जहां समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। इसी प्रकार टनकपुर और बनबसा के लिए एकीकृत मास्टर प्लान बनाने पर चर्चा की गई ताकि दोनों क्षेत्रों में एकीकृत ढांचे के तहत योजनाओं का क्रियान्वयन हो और डुप्लीकेसी से बचा जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि मास्टर प्लान को स्थानीय जरूरतों और क्षेत्रीय विशिष्टताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। योजना में स्थानिक सुविधाओं, पर्यटन सर्किट विकास, सीवर प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, STP, FSTP, रोड चौड़ीकरण, ड्रेनेज, लेगेसी वेस्ट निपटान, रिक्रिएशनल पार्क, बाढ़ न्यूनीकरण (Flood Mitigation), निराश्रित पशुओं हेतु सेवाएं, पब्लिक पार्क, रोजगार संसाधनों जैसी प्रमुख आवश्यकताओं को समाहित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मास्टर प्लान में गोल्ज्यू कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर सहित वर्तमान में संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सतत विकास लक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए अपने विभागीय सुझाव तत्काल दें, ताकि कोई भी पहलु छूटने न पाए और मास्टर प्लान भविष्य की आवश्यकताओं को समग्र रूप से प्रतिबिंबित कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मास्टर प्लान न केवल शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि पारिस्थितिकीय संतुलन, ग्रामीण-शहरी समावेशिता और सामाजिक समृद्धि का भी आधार बनेगा। चम्पावत, लोहाघाट, टनकपुर और बनबसा को एक मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाएगा जो उत्तराखण्ड के अन्य क्षेत्रों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी चंपावत अनुराग आर्य, लोहाघाट नितेश डांगर, स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली, भोपाल की टीम (वीसी), खंड विकास अधिकारी चम्पावत, अधिशासी अधिकारी चम्पावत, लोहाघाट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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