राष्ट्रीय राजमार्ग के क्रॉनिक भूस्खलन स्थलों पर सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता पर करें– जिलाधिकारी
चंपावत।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बुधवार को चम्पावत से टनकपुर तक के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का स्थलीय निरीक्षण कर स्वाला, अमोड़ी, चल्थी जैसे क्रॉनिक भूस्खलन और सुरक्षात्मक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजमार्ग किनारे स्थित खतरनाक पुश्तों को अविलंब दो दिनों के भीतर काटा जाए ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर चलने वाले प्रत्येक वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना एनएच विभाग की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून स्वाला में चट्टान में भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा रहता है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित होने की भी संभावना रहती है।उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे और आवागमन सुचारु रहे।
जिलाधिकारी ने सभी संवेदनशील स्थलो में रिफ्लेक्टेड टेप (Reflective Tapes) लगाने, आवश्यक सूचनाओं सहित चेतावनी बोर्ड लगाने तथा सड़क पर आए हुए पत्थरों और खतरनाक स्थानों को लाल चिन्हों द्वारा चिह्नित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी सुरक्षात्मक कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से, प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश एनएच विभाग को दिए।
चल्थी पुल के पास जहां सड़क संकरी व भूस्खलन प्रभावित है, वहां गैबियन लगाने के निर्देश दिए गए ताकि बरसात के दौरान सड़क बंद होने की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही महत्वपूर्ण क्रॉनिक भूस्खलन स्थलों पर JCB मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्य संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं पहले से सुदृढ़ और सक्रिय होनी चाहिए, जिससे आम जनमानस को कोई असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, उप जिलाधिकारी अलकेश नौडियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, ईई राष्ट्रीय राजमार्ग अशोक चौधरी, ईई लोनिवि एम सी पलड़िया सहित अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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