चंपावत। खतेड़ा के सतचूली महोत्सव में तीसरे दिन मां भगवती के डोले को सतचूली मंदिर से खतेड़ा देवस्थली ले जाया गया। इस दौरान क्षेत्र के युवाओं ने मां के जयकारे लगाए।
सोमवार सुबह सतचूली मंदिर में मंदिर के पुजारी दयानंद चिल्कोटी ने पूजा अर्चना संपन्न कराई। बाद में ढोल नगाड़ों और ध्वजा के साथ मां भगवती के जमान डोले को सतचूली मंदिर से देव स्थली खतेड़ा लाया गया। महोत्सव समिति के मुख्य संयोजक डॉ. सुधाकर जोशी ने बताया कि हर साल की तरह सतचूली मंदिर से खाली डोले को देवस्थली खतेड़ा गांव ले जाया जाता है। जहां धूनी जलाकर रात्रि जागरण होता है। जिसमें देवडांगर अवतरित होकर लोंगो को आशीर्वाद और कष्टों का निवारण करते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को महोत्सव का समापन होगा। जिसमें देवस्थली खतेड़ा से भव्य देवी रथ यात्रा सतचूली मंदिर तक निकलेगी। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोग महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। इस मौके पर महेन्द्र सिंह बोहरा, दलीप सिंह,खडक सिंह बोहरा,भुवन पांडेय,नाथ सिंह, त्रिलोक सिंह, रमेश सिंह, राजेंद्र सिंह,हरीश सिंह नारायण सिंह,प्रेम सिंह, गिरीश चिलकोटी, रमेश चिल्कोटी आदि रहे।
खतेड़ा सतचूली महोत्सव में भगवती के डोले को सतचूली मंदिर से खतेड़ा देवस्थली ले जाया गया

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